BBC हिंदी की रिपोर्ट के अनुसार, अब तक भारत वर्ल्ड कप फ़ुटबॉल में एक बार भी हिस्सा नहीं ले पाया है. पर साल 1950 में भारत के पास सुनहरा मौका था, जानिए तब क्या हुआ, क्यों टीम खेल नहीं पाई थी.
इस समाचार ने देशभर में हलचल मचा दी है। पिछले 24 घंटों में सोशल मीडिया पर इससे जुड़े ट्रेंड्स लगातार शीर्ष पर बने हुए हैं। राज्य सरकारों ने अपने-अपने स्तर पर स्थिति की समीक्षा शुरू कर दी है। केंद्र सरकार के सूत्रों के अनुसार आवश्यक कदम उठाए जा रहे हैं।
एक वरिष्ठ सरकारी अधिकारी ने नाम न छापने की शर्त पर बताया, 'इस मुद्दे पर उच्चतम स्तर पर विचार-विमर्श हो रहा है और शीघ्र ही ठोस निर्णय लिए जाएंगे।' सामाजिक कार्यकर्ता इसे 'जनहित का विषय' बताते हुए सरकार पर दबाव बना रहे हैं।
विभिन्न सामाजिक और पेशेवर संगठनों ने इस मुद्दे पर अपनी-अपनी प्रतिक्रियाएं दी हैं। ज़्यादातर की मांग है कि पारदर्शिता के साथ इसका समाधान निकाला जाए। मीडिया ने भी इसे प्राथमिकता के आधार पर कवर करना शुरू किया है।
यह सिलसिला यहीं नहीं रुकेगा। विशेषज्ञों का अनुमान है कि अगले कुछ हफ्तों में इस मुद्दे पर और अहम घटनाक्रम सामने आएंगे जो देश की दिशा तय करेंगे।