ऋषिकेश। गंगा के किनारे परमार्थ निकेतन के घाट पर सूर्योदय के समय जब हज़ारों लोगों ने एक साथ सूर्य नमस्कार किया, तो वह दृश्य अविस्मरणीय था। प्रधानमंत्री ने लाल किले के प्राचीर से देश को योग दिवस की शुभकामनाएं दीं। विश्व स्वास्थ्य संगठन के प्रतिनिधि ने कहा कि योग को मानसिक स्वास्थ्य के इलाज में शामिल करने पर गंभीरता से विचार हो रहा है। 190 देशों में 30 करोड़ लोगों ने योग दिवस मनाया।
भारतीय समाज में जीवन शैली से जुड़े मुद्दों पर बातचीत पहले से ज़्यादा खुलकर हो रही है। परिवारों में इन विषयों पर संवाद बढ़ा है और लोग पेशेवर मार्गदर्शन लेने में संकोच नहीं करते। पोषण विशेषज्ञ और स्वास्थ्य प्रशिक्षक कहते हैं कि जागरूकता बढ़ने से बड़ा बदलाव आ सकता है।
आयुष मंत्रालय के एक वरिष्ठ अधिकारी ने बताया, 'पारंपरिक भारतीय जीवनशैली में ही सेहत का राज़ छुपा है। हमें आधुनिकता के साथ अपनी जड़ों से भी जुड़े रहना होगा।' विशेषज्ञों ने इस सुझाव का स्वागत किया है।
स्वास्थ्य क्षेत्र में इस बदलाव के दीर्घकालिक सकारात्मक परिणाम होंगे। अस्पतालों और स्वास्थ्य केंद्रों पर बोझ कम होगा और लोगों की उत्पादकता बढ़ेगी। परिवार और समाज — दोनों के स्वास्थ्य में सुधार आएगा।
स्वस्थ जीवनशैली की यह यात्रा व्यक्तिगत प्रयास से शुरू होती है लेकिन इसका प्रभाव पूरे समाज पर पड़ता है। आने वाली पीढ़ियाँ एक स्वस्थ और समृद्ध भारत की हकदार हैं।