नई दिल्ली। शिक्षा मंत्री ने लोकसभा में कहा कि यह बजट भारत को 2047 तक शिक्षा महाशक्ति बनाने का रोडमैप है। इस बजट में पांच लाख सरकारी विद्यालयों में डिजिटल लैब स्थापित करने, दस लाख शिक्षकों को प्रशिक्षित करने और हर ज़िले में एक नए आईटीआई खोलने की योजना है। ग्रामीण लड़कियों की शिक्षा के लिए 8,000 करोड़ रुपये अलग से आवंटित किए गए हैं। पूर्व छात्र संगठनों ने इस बजट का स्वागत किया है।
इस राजनीतिक घटनाक्रम ने सत्ता और विपक्ष दोनों को सोचने पर मजबूर कर दिया है। सत्तारूढ़ गठबंधन के भीतर भी मतभेद की चर्चाएं हैं, जिन्हें पार्टी नेतृत्व खारिज कर रहा है। विपक्ष ने इसे संसद और सड़क दोनों स्तरों पर मुद्दा बनाने की रणनीति तैयार की है। आगामी चुनावों के मद्देनज़र यह मुद्दा और तूल पकड़ सकता है।
इस राजनीतिक घटनाक्रम का असर आगामी चुनावों में मतदाताओं के रुझान पर पड़ सकता है। ज़मीनी कार्यकर्ताओं का कहना है कि लोग इस मुद्दे को लेकर बेहद संवेदनशील हैं। जनमत सर्वेक्षणों में भी इसका प्रभाव दिख सकता है।
चुनावी वर्ष में इस तरह के मुद्दे राजनीतिक परिदृश्य को बदल सकते हैं। मतदाता ही अंतिम निर्णायक हैं और उनका फैसला ही लोकतंत्र की असली जीत होगी।