मुंबई। बाज़ार विशेषज्ञों ने इस उपलब्धि को 'भारत की आर्थिक परिपक्वता का प्रमाण' बताया है। एचडीएफसी सिक्योरिटीज़ के वरिष्ठ विश्लेषक दीपक जशनानी का कहना है कि अब सेंसेक्स का अगला लक्ष्य एक लाख अंक है और यह 2027 तक हासिल हो सकता है। रिटेल निवेशकों की भागीदारी बढ़ना एक स्वस्थ संकेत है। हालांकि, म्यूचुअल फंड सलाहकारों ने याद दिलाया है कि बाज़ार में जोखिम हमेशा बना रहता है।
आर्थिक विशेषज्ञों का कहना है कि यह घटनाक्रम भारत की बढ़ती आर्थिक शक्ति का प्रमाण है। उद्योग जगत में इसे लेकर सकारात्मक माहौल है। छोटे और मझोले उद्यमों पर भी इसके प्रभाव का आकलन किया जा रहा है। रिज़र्व बैंक और वित्त मंत्रालय की नज़रें इस विकास पर टिकी हैं।
निवेशकों ने इस ख़बर का स्वागत किया है और नए निवेश के संकेत दिए हैं। रोज़गार के नए अवसर सृजित होने की उम्मीद है। मध्यम वर्ग और छोटे व्यापारियों को इससे सबसे ज़्यादा फायदा मिलने की आशा है।
विश्लेषकों का मानना है कि भारत 2030 तक दुनिया की तीसरी सबसे बड़ी अर्थव्यवस्था बन सकता है। इस तरह के घटनाक्रम उस लक्ष्य की ओर बढ़ते कदमों का प्रमाण हैं।