नई दिल्ली। मुख्य निर्वाचन आयुक्त राजीव कुमार ने कहा कि इस बार चुनाव में प्रौद्योगिकी का अधिकतम उपयोग किया जाएगा। पहली बार 'वोटर हेल्पलाइन ऐप' के ज़रिए घर बैठे पोलिंग बूथ की जानकारी मिलेगी। पांचों राज्यों में कुल 65,000 से अधिक मतदान केंद्र बनाए जाएंगे। चुनावी ख़र्च की सीमा बढ़ाकर 40 लाख रुपये प्रति उम्मीदवार कर दी गई है। सभी राजनीतिक दलों ने तैयारियां तेज़ कर दी हैं।
इस राजनीतिक घटनाक्रम ने सत्ता और विपक्ष दोनों को सोचने पर मजबूर कर दिया है। सत्तारूढ़ गठबंधन के भीतर भी मतभेद की चर्चाएं हैं, जिन्हें पार्टी नेतृत्व खारिज कर रहा है। विपक्ष ने इसे संसद और सड़क दोनों स्तरों पर मुद्दा बनाने की रणनीति तैयार की है। आगामी चुनावों के मद्देनज़र यह मुद्दा और तूल पकड़ सकता है।
इस राजनीतिक घटनाक्रम का असर आगामी चुनावों में मतदाताओं के रुझान पर पड़ सकता है। ज़मीनी कार्यकर्ताओं का कहना है कि लोग इस मुद्दे को लेकर बेहद संवेदनशील हैं। जनमत सर्वेक्षणों में भी इसका प्रभाव दिख सकता है।
चुनावी वर्ष में इस तरह के मुद्दे राजनीतिक परिदृश्य को बदल सकते हैं। मतदाता ही अंतिम निर्णायक हैं और उनका फैसला ही लोकतंत्र की असली जीत होगी।